सीकर जिले में सड़क नेटवर्क को आधुनिक, सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। खाटूश्यामजी, खंडेला, नीमकाथाना सहित जिले के कई प्रमुख और ग्रामीण मार्गों को चौड़ा करने और फोरलेन में विकसित करने की योजना को गति दी गई है। जिला सड़क विकास नीति को लेकर गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एडीएम सिटी भावना शर्मा ने की।
बैठक में आगामी तीन से चार वर्षों में जिले की सड़कों के सुनियोजित विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए, ताकि आमजन को बेहतर, सुरक्षित और सुगम सड़क सुविधा मिल सके। इस दौरान प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण पर विशेष फोकस रखा गया।
सड़क विकास कार्यों को प्राथमिकता से धरातल पर उतारने का निर्णय
बैठक में तय किया गया कि स्वीकृत सड़क विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत करना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है। बेहतर सड़कों से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। इस बैठक में पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, पूर्व विधायक रतन लाल जलधारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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इन प्रमुख सड़कों को चौड़ा और फोरलेन करने के प्रस्ताव
बैठक में जिले की कई महत्वपूर्ण सड़कों को फोरलेन और चौड़ा करने के प्रस्ताव रखे गए, जिनमें शामिल हैं—
- रींगस–खाटूश्यामजी सड़क (18 किमी)
- मंढ़ा–खाटूश्यामजी सड़क (10 किमी)
- श्रीमाधोपुर–खंडेला मोड़ से खंडेला सड़क (24 किमी)
- नीमकाथाना–जीर की चौकी से चला सड़क (20 किमी)
- सीकर–पिपराली सड़क को फोरलेन में विकसित करने का प्रस्ताव
इन सड़कों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है, खासकर खाटूश्यामजी जैसे धार्मिक स्थल के कारण, ऐसे में चौड़ी और फोरलेन सड़कें यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होंगी।
नवीनीकरण और आरओबी निर्माण पर भी बनी सहमति
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बैठक में केवल नई सड़कों ही नहीं, बल्कि मौजूदा मार्गों के नवीनीकरण और सुधार पर भी चर्चा हुई।इनमें प्रमुख रूप से—
- कांवट–खंडेला मोड़ सड़क का नवीनीकरण
- खंडेला–गुरारा सड़क का नवीनीकरण
- पिपराली चौराहे पर फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण
जैसे प्रस्ताव शामिल हैं, जिससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं की समस्या से निजात मिल सकेगी।
ग्रामीण इलाकों के लिए भी बड़ी सौगात
ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली कई सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के प्रस्ताव भी बैठक में तैयार किए गए। इनमें शामिल हैं—
- कटराथल–हरदयालपुरा सड़क (6 किमी)
- दादिया–तारपुरा सड़क (7 किमी)
- तारपुरा–गुंगारा एसएच-37बी सड़क का चौड़ीकरण
- एसएच-37बी चला से भूरा टीबा होते हुए ढाणी गुमानसिंह कोटड़ी सड़क (6 किमी)
- हर्ष मोड़–जीणमाता सड़क का चौड़ीकरण
- खाटू से अलोदा डूकिया सड़क का नवीनीकरण व चौड़ीकरण
इन सड़कों के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और किसानों, विद्यार्थियों व मरीजों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
लंबी दूरी की सड़कों पर भी होगा निर्माण कार्य
इसके अलावा जिले में लंबी दूरी के कई मार्गों पर भी सड़क निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं—
- भराला मोड़ से टोडा गणेश्वर सड़क (25 किमी)
- नीमकाथाना–गणेश्वर–चिपलाटा सड़क (20 किमी)
- कासली से चंदपुरा वाया रामपुरा सड़क (7 किमी)
- पेवा से बोसाना, सरवड़ी, बिंज्यासी तक सड़क निर्माण (17 किमी)
खाटूश्यामजी, खंडेला और नीमकाथाना सहित जिले के दर्जनों गांवों और प्रमुख मार्गों को चौड़ा व फोरलेन करने का यह फैसला सीकर जिले के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सड़क विकास से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि जिले की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को भी नई दिशा मिलेगी। आने वाले वर्षों में ये सड़कें जिले के विकास की मजबूत नींव साबित होंगी।